Dhan-Dhaanya Krishi Yojana: देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana)” को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत सरकार आने वाले 6 वर्षों में कुल ₹1.44 लाख करोड़ खर्च करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य है – कृषि उत्पादकता में वृद्धि, कृषि अवसंरचना का विकास, और किसानों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना।
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
यह योजना खासतौर पर किसानों की जमीन की उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने, कृषि मशीनरी और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने तथा कृषि बाजारों को सुधारने के लिए लाई गई है। इसका मकसद सिर्फ खेती को लाभकारी बनाना नहीं है, बल्कि किसान को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
योजना की मुख्य बातें
- यह राशि 6 सालों में चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी।
- केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस योजना को लागू करेंगी। राज्यों को भी योगदान देना होगा।
- सिंचाई, भंडारण सुविधाएं, खाद-बीज की गुणवत्ता, कृषि अनुसंधान, किसान प्रशिक्षण, और डिजिटल कृषि पर खास ध्यान दिया जाएगा।
- ड्रोन, सैटेलाइट डेटा, और स्मार्ट फार्मिंग तकनीकों को किसानों तक पहुँचाया जाएगा।
- छोटे किसानों को समूहों में संगठित कर उन्हें बाजार से सीधा जोड़ा जाएगा।
किसानों को कैसे होगा लाभ?
- कम लागत, ज़्यादा उत्पादन:
आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता वाले इनपुट्स से किसानों की लागत घटेगी और पैदावार बढ़ेगी। - बेहतर सिंचाई:
नहरों और जलस्रोतों की मरम्मत, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने से सूखा प्रभावित इलाकों में भी खेती संभव हो सकेगी। - भंडारण और विपणन:
गांवों में गोदाम और कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे जिससे फसल को सुरक्षित रखा जा सकेगा और किसान मजबूरी में कम दामों में फसल नहीं बेचेंगे। - प्रत्यक्ष बाज़ार तक पहुंच:
किसानों को मंडियों और निजी कंपनियों से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे जिससे उन्हें उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल सके।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का साफ कहना है कि यह योजना सिर्फ “लाभ” कमाने की नहीं, बल्कि “कृषि को आत्मनिर्भर बनाने” की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह योजना किसानों की मेहनत का सम्मान है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का ठोस प्रयास है।
कब से शुरू होगी योजना?
सरकार ने योजना को मंजूरी दे दी है, और इसे 2025-26 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में ज़्यादा पिछड़े जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही किसानों को योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
